समाज सेवी अंजली शर्मा की कहानी उन्हीं की जुबानी
समाज सेवी अंजली शर्मा की कहानी उन्हीं की जुबानी
बरेली। एक मुलाकात में समाज सेवी अंजली शर्मा ने बताया कि वह हमेशा से समाज सेवा के कार्य करना चाहती थी जब वह समाज के उन ज़रूरतमंद लोगों को देखती थी जो आर्थिक एवं शारिरिक रूप से अक्षम हैं बहुत ही दुख होता था तो उन लोगों की सेवा करने के उद्देश्य से व्यक्तिगत रूप से समाजसेवा के क्षेत्र में आ गई अंजली ने कहा कि मैं आपको यह बताना चाहूंगी कि मैंने बिना किसी सहयोग के अपने दम पर ही समाज सेवा शुरू कर दी मैं जैसे जैसे लोगों की मदद करती मुझे बहुत ही सुकून मिलता मैं इस कार्य को स्वयं ही कर रही थी बिना किसी सहयोग के क्योंकि मैंने इसके लिए किसी भी संस्था या व्यक्ति से कोई भी आर्थिक मदद नही ली थी मैं जो भी कर रही थी स्वयं ही कर रही थी लेकिन शायद अब मैं कुछ कमज़ोर पड़ रही थी क्योंकि कोरोना काल में जिस तरह से मदद लेने के लिए लोगों की तादाद बढ़ रही थी शायद अब मेरे लिए मुश्किल होता जा रहा था क्योंकि मदद लेने वाले लोगों की भीड़ दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही थी हालांकि मैंने आज तक किसी को मदद के लिए मना नही किया जो भी संभव हो पा रहा था मैं कर रही थी लेकिन अब मैं अकेली नही हूँ मेरे इस जज़्बे को देखकर बहुत से लोग मेरे ज़िले के ही नही बल्कि प्रदेश के कई जिलों के लोग मेरे साथ मेरी इस मुहिम में मेरे साथ जुड़ गए। मेरा साथ देने के लिए पूरा(अंतराष्ट्रीय ब्राह्मण महासंघ) श्री बाला जी दरबार से गौरव रस्तोगी,अग्रवाल सभा से आदरणीय अनुराग अग्रवाल जी एवं अतुल अग्रवाल जी एवं अमनीत सिंह और शिवम बरेली से हैं।मैं आप सब का हृदय से धन्यवाद करती हूँ कि आप सब के अथक प्रयासों से यह कार्य सफल हो सका।
अंजली शर्मा (समाज सेविका)