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जनपद में 79 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को किया प्रशिक्षित

जनपद में 79 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को किया प्रशिक्षित


पोषण ट्रैकर एप से होगी आंगनबाड़ी केंद्रों की मॉनिटरिंग


 बरेली।       यूनिसेफ और वर्ल्ड विज़न इंडिया के सहयोग से जनपद के आलमपुर जाफराबाद व बुता ब्लाक के सभागार में बाल विकास पुष्टाहार विभाग की समस्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को समुदाय स्तर पर सैम बच्चों का चिन्हांकन एवं  प्रबंधन, MIYCN (Maternal Infant young Child Nutrition) एवं  पोषण ट्रेकर एप विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया जिसमे ट्रेनर डिस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर वर्ल्ड विजन इंडिया  कुलदीप शर्मा, स्मृति शाक्य बीपीसी, सुखवीर सिंह बीपीसी, गौरव दीक्षित बीपीसी वर्ल्ड विज़न इंडिया द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया  | आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का 50-50  का बैच बनाकर प्रशिक्षित किया गया | आलमपुर जाफराबाद के सीडीपीओ  (आईसीडीएस) कृष्णा चंद्रा  ने बताया  आलमपुर जाफराबाद ब्लॉक में एक दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान किया गया | जिसमे इंफेंटोमीटर और स्टेडियोमीटर  द्वारा बच्चों की लंबाई/ऊंचाई की माप करना सिखाया गया । फिर लंबाई के अनुसार वजन  लेकर सैम/मैम बच्चों का चिन्हांकन करने और उसके पश्चात चिकित्सकीय जटिलता पाए जाने पर पोषण पुनर्वास केंद्र में संदर्भित करना एवं कोई चिकित्सीय  जटिलता नही पाए जाने पर समुदाय स्तर पर प्रबंधन के विषय में ट्रेनिंग दी गई। सैम/मैम चिन्हांकन के लिए उपयोग की जानें वाली WHO Z स्कोर का भी उपयोग करने पर भी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित  किया गया। जीवन के सुनहरे प्रथम 1000 दिनों (गर्भावस्था से शिशु के 2 वर्ष पूर्ण होने तक) एवं  पोषण ट्रेकर एप पर डाटा फीड करने पर भी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कुलदीप शर्मा द्वारा  बताया गया  राष्ट्रीय पोषण अभियान के तहत जिले की सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को स्मार्ट फोन पूर्व में ही उपलब्ध कराया गया है। इसके माध्यम से आईसीडीएस सेवाओं की गुणवत्ता व सुगम अनुश्रवण प्रक्रिया का संचालन सभी सेविकाओं के द्वारा किया जा रहा है। जिले में कोरोना संक्रमण काल के समय में भी आईसीडीएस से संबंधित सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार व आंगनबाड़ी केंद्रों के अनुश्रवण (मॉनिटरिंग) को सहज व प्रभावकारी बनाने के लिये विभागीय स्तर से लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। इसी क्रम में आंगनबाड़ी केंद्रों की सतत निगरानी व अनुश्रवण के लिये नया मोबाइल एप्लीकेशन जारी किया गया है। पोषण ट्रैकर नाम के इस एप के उपयोग से आंगनबाड़ी केंद्रों का मूल्याकंन व निगरानी आसान होगा।उन्होंने कहा पोषण ट्रैक एप का प्रयोग पूर्ण रूप से सुनिश्चित किया जाएगा | स्मृति शाक्या  ने बताया  इस एप के आने से रियल टाइम मॉनिटरिंग की प्रक्रिया में मजबूती मिलेगी। इसमें केंद्र खुलने के समय से लेकर केंद्र पर नामांकित बच्चे, उपस्थिति  पंजीकरण , टीएचआर का वितरण, बच्चों की ग्रोथ मॉनिटरिंग की प्रकिया बेहद आसान होगी। केंद्र के संबंध में तमाम जानकारी एप पर दर्ज होगी। एप के माध्यम से कुपोषण से संबंधित मामलों को सूचीबद्ध करना आसान होगा। इतना ही नहीं एप पर किये गये कार्य के मुताबिक ही आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को उनके मानदेय का भुगतान किया जाना है। एप्लीकेशन के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती व धात्री महिलाओं के साथ-साथ छह साल तक के बच्चों को उपलब्ध करायी जाने वाली सुविधाओं की सतत निगरानी आसान होगी।

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