योगी जी आपके आदेशों को अस्पताल कर रहे दरकिनार
बरेली। कोरोना काल में प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ भले ही सरकारी अस्पतालों को लेकर कितने ही दावे करें लेकिन उनके ये दावे स्वास्थ विभाग सम्भाल नहीं रहा है। इस कोरोना में प्राईवेट सहित सरकारी अस्पताल भी अनाथालयों से भी बत्तर तब्दील हो रहे हैं, आपातकाल में मरीज तड़प रहे हैं, बेड नहीं मिल रहे हैं ,मरीज जमीन पर, या कुर्सी पर बैठकर ऑक्सीजन ले रहे है। यह दृश्य देख कर मानवता को झकझोर देने पर मझबूर है यह खबर।
जमीन पर पड़ा मरीज, कुर्सी पर बैठा मरीज, और बैंच पर लेट कर बेड का इंतजार करता मरीज ये नजारा बरेली के 300 बेड हॉस्पिटल का है, इसको देखकर तो बस यही कहा जायेगा कि योगी जी आपके आदेशों को परें कर स्वास्थ विभाग अब खुद ही वेंटिलेटर पर चला गया है। एक के बाद एक मिल रही शिकायतों के बाद कोविड स्पेशल हॉस्पिटल का जायजा लिया गया जिसमे वो सब सामने आया जो प्रशासन पर्दे के पीछे छिपाये हुआ था। इस सच ने जिला प्रशासन की पोल खोल कर रख दी। क्योकि यहां मरीजों को बेड नहीं मिल रहे थे, मरीज जमीन पर और कुर्सी पर बैठ कर अपनी बारी का इन्तेजार करते नज़र आ रहे थे, कितने ही मरीज ऐसे थे जो जिंदगी और मौत के फासलों को बेहद करीब से महसूस कर रहे थे, आलम इतना खतरनाक है कि ईलाज के इंतजार में लोग मौत को बहुत करीब से देख रहे हैं। एक तीमारदार ने बताया कि उसके मरीज को सुबह से दोपहर हो गई लेकिन बेड नहीं मिला, आखिर में जब उसकी हालत बिगड़ी तो जमीन पर चादर बिछा कर उसको ऑक्सीजन लगा दी लेकिन तब तक बहुत देर हो गई थी , परिजनों के मुताबिक अस्पताल प्रशासन अगर उनको सही समय पर इलाज मुहैया करवा देता तो उसकी जान बच सकती थी।
किसी फोन बन्द तो किसी ने उठाया नहीं
जब हकीकत जानने के लिए वहाँ के सीएमएस को फोन किया तो उनका फोन बन्द था सीएमओ सुधीर कुमार गर्ग सर्विलेंस अधिकारी डॉ रंजन गौतम एवं सीएमओ की मीडिया कोऑर्डिनेटर शिवानी सक्सेना को फोन किया गया परंतु किसी ने भी फोन नहीं उठाया