कोरोना की दूसरी लहर में जान पर खेलकर की टीबी के मरीज़ों की सेवा
कोरोना की दूसरी लहर में जान पर खेलकर की टीबी के मरीज़ों की सेवा
इज़्ज़तनगर रेलवे अस्प्ताल के टी बी विभाग के डॉक्टर और एल टी बने कोरोना योद्धा
बरेली। कोरोना की दूसरी लहर में स्वास्थ्य कर्मियों ने अपनी जान पर खेलकर संक्रमित मरीज़ों को बचाने में कोई कसर नही छोड़ी है लेकिन पूर्वोत्तर रेलवे इज़्ज़तनगर के टी बी और चेस्ट विभाग में कार्यरत डॉक्टर एस एस चौहान और डॉक्टर हरीश ने अपनी जान की परवाह न करतेहुये टी बी के मरीज़ों के इलाज में कोई कसर नही छोड़ी और लोगो की जान बचाई है ज़िला प्रशाषन द्वारा रेलवे अस्प्ताल को कोविड अस्प्ताल बनाया गया था टी बी और चेस्ट विभाग में रोज़ाना मरीज़ टीबी की जांच कराने आते है डॉक्टर चौहान और डॉक्टर हरीश मरीज़ों को कोरोना संक्रमण के प्रति जागरूक करते हुये टी बी की जांच करते है और जांच में टीबीआने पर डॉट्स की दवा भी निःशुल्क देते है इज़्ज़तनगर के रेलवे अस्पताल कोरोना की दूसरी लहर में एक वरदान साबित हुआ है