सेंट्रल गुरपुरब कमेटी का विवाद पहुंचा अकाल तख्त
सेंट्रल गुरपुरब कमेटी का विवाद पहुंचा अकाल तख्त
सिख धर्म की सबसे बड़ी सुप्रीम कोर्ट है अकाल तखत
मामले की जाँच के लिये अकाल तख्त से पत्र जारी
बरेली। सिख धर्म में तमाम बड़े गुरु पर्व मनाए जाते हैं जिसको सेंट्रल गुरपुरब कमेटी के तत्वधान में मनाया जाता है एवं यह कमेटी विधवा पेंशन योजना सहित तमाम सिख धर्म से जुड़े लोगों की सहायता में लिप्त है। बताते चलें कि कुछ समय पहले इस कमेटी के सचिव एडवोकेट गुरदीप सिंह बग्गा का कोरोना काल में देहाँत हो गया था जिसको लेकर कमेटी का दोबारा चुनाव होना था। एक जर्नल बैठक 25 जुलाई को हुई जिसमें बाद में बैठक कर पद अधिकारी चुनने का निर्णय लिया गया। पुरानी कमेटी के पदाधिकारियों के नेतृत्व में 2 सितंबर को गुरुद्वारा श्री गुरु नानक सत्संग सभा में चुनाव किया गया जिसमें मालिक सिंह कालरा को अध्यक्ष एवं गुरदीप सिंह बग्गा को सचिव पद दिया गया। गुरुद्वारे में अरदास के बाद बधाइयां दी गई। वही कुछ लोगों ने इस चुनाव का विरोध किया एवं 5 सितंबर को गुरद्वारा दुख निवारण साहिब संजय नगर में इसी कमेटी का चुनाव किया जिसमें परमजीत सिंह ओबरॉय को अध्यक्ष एवं हरप्रीत सिंह को सचिव घोषित किया। एक ही कमेटी के दो चुनाव होने से संगत दो हिस्सों में बढ़ती हुई नजर आ रही थी। 2 सितंबर को चुनाव करने वाली कमेटी ने सिख धर्म की सबसे बड़ी अदालत ( सुप्रीम कोर्ट ) श्री अकाल अमृतसर को मेल पर पत्रांक द्वारा शिकायत की जिसमें तमाम आरोप लगाए गए की पुन्हा कमेटी का चुनाव करने वाले सदस्य श्री अकाल तख्त द्वारा धर्म से अलग किए गए दर्शन सिंह के बंदे हैं एवं श्री अकाल तख्त की बनाई हुई मर्यादाओं का उल्लंघन करते हैं जिसको लेकर श्री अकाल तखत द्वारा जांच के लिए पत्रांक भेजे हैं।