पैनी नजर संस्था ने दी एसडीएम के खिलाफ एफआईआर के लिये थाने में तहरीर
बरेली। जनपद के नवाबगंज कस्बे में घटी सांड द्वारा एक 16 वर्षीय किशोर मो. अमान की मृत्यु हो जाने पर पैनी नजर सामाजिक संस्था ने नवाबगंज उप-जिलाधिकारी के खिलाफ थाना नवाबगंज में हत्या का मुकदमा दर्ज कराने हेतु तहरीर दी। इससे पूर्व संस्था ने सांडो द्वारा घटी घटनाओं के संबंध में कई बार नवाबगंज उप जिला अधिकारी डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा को ज्ञापन सौंपा, किंतु नवाबगंज प्रशासन इन घटनाओं के प्रति असंवेदनशील रवैया पर अड़ा रहा। तब मजबूर होकर पैनी नजर सामाजिक संस्था की अध्यक्ष एडवोकेट सुनीता गंगवार ने नवाबगंज प्रशासन के विरुद्ध यह कदम उठाया। संस्था अध्यक्ष का कहना है कि जब किसी सांड की किसी कारण वश मृत्यु हो जाती है, तो लोगों पर प्रशासन तुरंत मुकदमा दर्ज कर देता है जो सांड एक सरकारी संपत्ति है। उसी सरकारी संपत्ति के द्वारा जब कोई व्यक्ति की मृत्यु होती है, तो किस पर मुकदमा दर्ज होना चाहिए? वह पशु है पशु पर मुकदमा दर्ज नहीं किया जा सकता, इसलिए जो उस पशु का मालिक हैं, उस पर मुकदमा दर्ज होना चाहिए। शासन व प्रशासन इन पशुओं के मालिक है तो संस्था अध्यक्ष ने प्रशासन के खिलाफ संबंधित थाने में जाकर तहरीर दी, संस्था अध्यक्ष ने कहा इस जन समस्या पर लगातार संस्था आवाज उठा रही है, किंतु न सरकार सुन रही है न प्रशासन सुन रहा है। गौ रक्षा के नाम पर मानव हत्या का कार्य हो रहा है। इंसानों की मौत की कोई कीमत नहीं रह गई है। न ही प्रशासन द्वारा किसी को दुर्घटना लाभ मिल पाता है, सिर्फ पीड़ित से प्रशासन कार्यालयों के चक्कर लगवाता है। संस्था की अध्यक्ष एडवोकेट सुनीता गंगवार का कहना है कि हर जगह प्रशासन के खिलाफ यह मुहिम छेड़ी जानी चाहिए, क्योंकि इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होती है। आवारा पशुओं को जो किसानों की फसलों व जान दोनों का नुकसान कर रहे हैं, इन्हें गौशालाओं में रखा जाना चाहिए। किंतु गौशालाओं का कोई अता पता नहीं है और यह जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होती है। उन्होंने कहा कि जब प्रशासन अपनी जिम्मेदारी के प्रति नकारा साबित हो जाए तो संस्था को मजबूरन यह कदम उठाना पड़ा। संस्था की मांग है कि इन सब सांडो की घटनाओं का जिम्मेदार नवाबगंज प्रशासन को मानते हुए पुलिस प्रशासन से अनुरोध किया है कि नवाबगंज उप-जिलाधिकारी पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए।