स्वस्थ रहने के आयुर्वेदिक कॉलेज में बताय गए गुर
स्वस्थ रहने के आयुर्वेदिक कॉलेज में बताय गए गुर
बरेली। एस. आर.एम. राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज में सी .एम.ई. कार्यक्रम के अंतर्गत प्रथम सत्र में आई. एम. एस., बी. एच. यू. वाराणसी से आई डॉ० मृदुलता मौर्य ने बताया कि नाक को स्वस्थ रखने के लिए रोज षडबिन्दु तेल या अणु तेल कि एक -एक बून्द डालें ! कान को स्वस्थ रखने के लिए सरसो का तेल डालें एवं गले को स्वस्थ्य रखने के लिए त्रिफला के क्वाथ से गरारा करें, साइनोसाइटीस में षडबिन्दु तेल गुनगुना करके प्रयोग करने से बड़ा लाभ होता है, ऐसा करने से इनमे रोग लगने का डर नहीं रहेगा ! दूसरे सत्र में डिस्ट्रिक आयुर्वेदिक ऑफिसर डॉ डी. के. द्विवेदी ने आयुर्वेद में फर्स्ट-ऐड के लिए बताई गई औषधीयों पर प्रकाश डालते हुए उनकी उपयोगिता बताई, एक्सीडेंट के दौरान खून को रोकने के लिए हल्दी, फिटकरी का प्रयोग किया जाता है, साथ ही जिस स्थान पर घाव होता है वहां भस्मों द्वारा एवं शस्त्र कर्म द्वारा खून को रोक सकते हैँ ! दर्द को कम करने के लिए मुलेठी से बना घी और पुराने जख्मों में ग्वारपाठा के साथ शहद का प्रयोग लाभकारी होता है ! गठिया बाय, सियाटिका आदि में रक्तमोक्षण या जोंक का प्रयोग करके लाभ पहुंचा सकते हैँ !सी.एम. ई. कार्यक्रम के आयोजन सचिव डॉ संतोष ने बताया की चौथे सत्र में स्वस्थवृत के विशेषज्ञ डॉ अजय कुमार ने आज के समय में फैल रहे संक्रमण के बारें में बताया ! और कार्यक्रम का संचालन प्रथम सत्र में डॉ सी. बी. सिंह ने और दूसरे सत्र में प्रो. चंद्र शेखर बांगरवार ने किया ! प्राचार्य प्रो. डी. के. मौर्य ने विशेषज्ञ वक्ताओं को सम्मानित किया !