Tuesday, 20-10-2026
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वेटिंग में स्वर्गवासी, कई पीढ़ियों ने नहीं देखा ऐसा खोफ

कोरोना संक्रमण के मामले में टॉप 10 शहरों में शामिल है बरेली



बरेली।      जिले में कोरोना के कारण प्रतिदिन होने वाली मौतों का आंकड़ा काफी तेजी से बढ़ रहा है। शहर के श्मशान घाट में स्वर्गवासियों के अंतिम क्रियाकर्म के लिए वेटिंग लगी हुई है। इतना ही नहीं शमशान घाट में बने चिता के चबूतरों पर लोग अंतिम संस्कार न कर पाने के कारण नीचे जमीन में ही अपने मृतक रिश्तेदार का क्रियाकर्म करने के लिए मजबूर हैं। हमारी टीम ने शमशान घाट में जाकर वहां के हालातों का जायजा लिया और वहां की व्यवस्थाओं को समझने की कोशिश की। 


शमशान घाट में चिता के चबूतरे पड़े कम अंतिम संस्कार के लिए करना पड़ रहा इंतजार



पिछले एक सप्ताह में बरेली में मृत्यु दर के ग्राफ में काफी तेजी आई है। शहर के श्मशान घाट पर मृत लोगों के अंतिम संस्कार के लिए घण्टों वेटिंग है बरेली के शमशान घाट पर यूं तो करीब 33 चिता चबूतरे हैं, लेकिन उसके बावजूद वहां मृतकों को लेकर पहुंचने वाले लोगों को अपने परिजन और प्रियजनों के अंतिम संस्कार के लिए किए जाने वाले अन्तिम क्रियाकर्म के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। जो लोग इंतजार नहीं कर सकते तो वह अपने प्रियजनों की चिता जमीन पर ही लगाकर अंतिम संस्कार कर रहे हैं.अप्रैल में अब तक 250 से अधिक अंतिम संस्कार जिम्मेदार मानते हैं कि एकदम से चिता चबूतरों की और व्यवस्थाएं कर पाना मुश्किल है। शमशान घाट में बतौर केयरटेकर व्यवस्था सम्भाल रहे पंडित 

त्रिलोकीनाथ शर्मा कहते हैं कि पिछले साल 1 अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2021 के मध्य में यहां करीब 3500 अंतिम संस्कार हुए हैं। पर अब तो मात्र 20 अप्रैल में अभी तक यहां 250 से अधिक लोगों का अंतिम संस्कार हो चुका है



तीन पीढ़ियों में पहली बार देखे ऐसे हालात



श्मशान घाट के व्यवस्थापक ने बताया कि 8 अप्रैल के बाद से तो यहां पिछले वर्ष की तुलना में हर दिन तीन गुना मृतकों को लेकर उनके परिचित और परिजन अंतिम क्रियाकर्म के लिए पहुंच रहे हैं. व्यवस्था में लगे पंडित त्रिलोकी नाथ बताते हैं कि यह काम करते हुए वह अपने घर की तीसरी पीढ़ी हैं, लेकिन ऐसी भयावह स्थिति उन्होंने शहर के शमशान घाट में न कभी देखी न सुनी. अंतिम संस्कार के लिए लकड़ियों और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने वाले कहते हैं कि पहले 24 घण्टे में अधिकतम 6 से 10 अंतिम संस्कार प्रतिदिन होते थे लेकिन, अब तो 8 तारीख के बाद से हर दिन यहां ये संख्या तीन गुना तक बढ़ चुकी है। बेबसी में लोग जमीन पर अंतिम संस्कार करने के लिए विवश हैं। उत्तर प्रदेश में कोरोना के मामलों में टॉप 10 में बरेली भी शामिल है। इस वक्त यहां 5 हजार 300 से अधिक कोरोना संक्रमण के एक्टिव केस हैं. वहीं हर दिन कोरोना का वजह से कई मौतें भी हो रही हैं।

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