प्ले वन की नजर में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की खबर
वोटरों को अपने पक्ष में समझाने पर दूसरे पक्ष ने किया विरोध
मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने संभाली कमान
बरेली। मंडल में पहले चरण में बरेली जनपद में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए मतदान शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हो गया। हालांकि कहीं कहीं लोगों के बीच वोटों को लेकर नोकझोंक हुई, लेकिन पुलिस की सख्ती के बाद मामला शांत हो गया। करगैना में ऐसा ही मामला देखने को मिला। यहां बूथ पर मौजूद एक प्रत्याशी मतदाताओं को अपने पक्ष में मतदान के लिए समझाता दिखाई दिया। इसका कुछ लोगों ने विरोध किया। बाद में पुलिस के दखल देने पर मामला शांत हो गया। करगैना में प्राथमिक स्कूल में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा था। इसी दौरान एक बीडीसी प्रत्याशी यहां मतदाताओं को मतपत्र पर अपना क्रमांक नंबर व निशान समझाने लगा। इसी बात को लेकर दूसरे प्रत्याशियों के समर्थकों ने विरोध कर दिया। इससे पहले की मामला उग्र होता, पुलिस कर्मी पहुंच गए और लोगों को शांत किया। साथ ही प्रत्याशी को हिदायत दी कि वह मतदाताओं को सौ मीटर के दायरे में रहते हुए नहीं समझा सकता है। इसके बाद मामला शांत हो गया।
पहली बार वोट डालकर खुद को गौरवान्वित किया महसूस
मेरा नाम शिखा है। मेरा वोट अब तक नहीं था। आज पहली बार मतदान करते हुए अच्छा लग रहा है। किसे वोट देंगी इसके जबाव में उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति गांव का विकास करेगा, उसे ही वोट दिया है। लेकिन बताऊंगी नहीं। शिखा ने बताया कि आज लगा कि मैं भी लोकतंत्र में आहूति दे सकती हूं। मुझे बहुत अच्छा लग रहा है।
- शिखा- क्यारा
आज तक लोगों से सुनती थी कि वोट दिया है, लेकिन आज मैंने स्वयं मतदान किया है। अच्छा लग रहा है। पहली बार वोट डालने पर काफी अच्छा महसूस कर रहीं हूं। उस व्यक्ति के लिए वोट दिया है जो गांव में विकास करा सके। मुझे गर्व है कि मैं सही गलत का फैसला कर सकती हूं। उम्मीद है जिसे वोट दिया है वह गांव में विकास कराएगा।
- शिवानी क्यारा
गर्मी और धूप के बाद भी वोट डालने पहुंची महिलाएं
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में महिलाओं ने भी जमकर वोट डाले। बूथों पर महिलाओं की लंबी लंबी लाइने लगी रहीं। गर्मी और धूप का असर भी महिलाओं पर नहीं दिखा। वह छोटे छोटे बच्चों को गोद में लेकर मतदान केंद्र तक पहुंची और अपने मताधिकार का प्रयोग किया। महिलाओं का कहना था कि गांव की सरकार चुनने के लिए उन्हें यह मौका मिला है। गांव का विकास वोट से ही हो सकता है। इसलिए वे लोग सबसे पहले अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए बूथ तक आई हैं। चौबारी, करगैना, करेली, क्यारा, कांधरपुर समेत जिले भर के अधिकांश गांवों में महिलाएं घूघट की ओट में वोट डालने के लिए मतदेय स्थल तक पहुंची।
पूरा दिन अधिकारियों की रही चुनाव पर निगाह
सूबे में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव सकुशल सम्पन्न कराने को पुलिस व प्रशासनिक अफसर पूरी मुस्तैदी के साथ संवेदनशील व अतिसंवेदनशील इलाकों में भ्रमणशील रहे। गुरूवार को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद, आगरा, बरेली, कानपुर नगर, रामपुर, प्रयागराज, सहारनपुर, झांसी, हरदोई, रायबरेली, अयोध्या, श्रावस्ती, संत कबीर नगर आदि जिलों में पहले चरण का मतदान कड़े सुरक्षा प्रबंध के बीच जारी है। बरेली रेंज के आईजी रमित शर्मा ने अति संवेदनशील इलाकों की कमान संभाली। सुबह ही चार जिलों की पुलिस के मुखिया आईपीएस रमित शर्मा अमले के साथ बिथरी चैनपुर, भुता, रिठौरा जैसे अति संवेदनशील क्षेत्रों के मतदान केंद्रों के निरीक्षण पर निकल पड़े। दर्जनभर से अधिक मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर रेंज पुलिस के मुखिया रमित शर्मा ने ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों को कड़े दिशा-निर्देश दिये। आईजी रेंज ने कहा कि कोरोना संक्रमण की चपेट में आने से पुलिस कर्मी खुद को भी बचायें। पूरी तरह से कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन हो। बगैर माॅस्क कोई मतदाता अथवा मतदान से संबंधित व्यक्ति मतदान केंद्र पर न आने पाये। उल्लंघन करने वाले लोगों से सख्ती से निपटा जाए। साथ ही राज्य निर्वाचन आयोग की सभी गाइडलाइन का कड़ाई से अनुपालन कराया जाये। आईजी रेंज रमित शर्मा ने पुलिस कर्मियों को ये भी निर्देश दिये हैं कि मतदान केंद्रों के आस-पास भीड़-भाड़ एकत्र न होने दें। कोई अवांछनीय तत्त्व मतदान केंद्रों के इर्द-गिर्द फटकने न पाये। आईजी की सख्ती के बाद कई मतदान केंद्रों पर देखा गया है कि सुस्त चाल चल रहे पुलिस कर्मी सक्रिय नजर आये। इसी के साथ जिला अधिकारी नीतीश कुमार एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित अन्य तमाम अधिकारी भी भ्रमण पर रहे।
सोशल डिस्टेंसिंग कि हर जगह उड़ी धज्जियां
वैसे तो सरकार ने लगातार घोषणा की है कि कोविड-19 के प्रोटोकॉल का खासकर ध्यान रखा जाए जिसमें मास्क सैनिटाइजर सोशल डिस्टेंसिंग अति आवश्यक है परंतु जनता है कि मानती ही नहीं हमारी टीम ने जितनी जगह भी भ्रमण किया सभी जगह सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ती हुई नजर आई।
वोट मेरा अधिकार कैसे छोड़ दे
जहां आज के युग में युवा पीढ़ी अपने मतदान को भूलती जा रही है वही वह बुजुर्ग जो खुद ढंग से चल भी नहीं सकते उन्होंने अपने मतदान के हक को बेकार नहीं जाने दिया कोई अपने बच्चों की मोटरसाइकिल से तो कोई गोदी में मतदान करने पोलिंग बूथ के अंदर तक पहुंच गया