35 वर्षीय मरीज अपने पुत्र के साथ अस्पताल की छत से कूदा, दोनो की मौत
35 वर्षीय मरीज अपने पुत्र के साथ अस्पताल की छत से कूदा, दोनो की मौत
नीचे बैठा गार्ड भी हुआ घायल, सर पर लगी चोट
बरेली। गंगाशील अस्पताल में अपना इलाज करा रहे एक युवक ने शुक्रवार दोपहर अपने नौ साल के बेटे को चौथी मंजिल से फेंक दिया। इसके बाद तुरंत उसने भी छलांग लगा दी। पहले दोनों नीचे बैठे गार्ड पर गिरे फिर निचे ऊंचाई से फर्श पर गिरने से बच्चे की मौके पर और युवक की इलाज के दौरान मौत हो गयी। संजय नगर के दीपक को 15 जून को अस्पताल में शराब छुड़ाने के लिए भर्ती कराया गया था। दीपक के बहनोई नरेश पाल ने अस्पताल प्रबंधन पर बिल चुकाने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। बताया कि लॉकडाउन के चलते सारा व्यापार ठप हो गया था। ज्यादा पैसे नहीं थे। इसी टेंशन में दीपक ने बेटे को फेंक छत से कूदकर जान दे दी हैं। अस्पताल का बिल सिर्फ 15 हजार रुपए का था। इसमें भी छह हजार रुपए जमा हो चुके थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी कोई शिकायत नहीं मिली है। मामले की जांच की जा रही है।
संजयनगर निवासी दीपक पुत्र महेश कुमार खोखे में एक दुकान खोली थी। परिजनों ने बताया कि वह शराब पीने का आदी था। इस कारण उसका पत्नी से विवाद होता था। कई बार दोनों के बीच हुए झगड़े को परिजनों ने पंचायत करके निपटा दिया लेकिन दीपक ने शराब पीना नहीं छोड़ा। परिवार ने उसकी शराब की लत छुड़वाने के लिए उसे गंगाशील अस्पताल के नशा उन्मूलन केंद्र में भर्ती कराया था। शनिवार को उसकी छुट्टी होनी थी। बातचीत करने परिवार के लोग डाक्टर के पास गए थे। वह लोग बात कर रहे थे कि दीपक ने नौ साल के बेटे दिव्यांश को चौथी मंजिल से नीचे फेंक दिया और फिर खुद भी नीचे कूद गया। इससे अस्पताल प्रबंधन में खलबली मच गयी। अस्पताल में मौजूद दीपक की मां और बहन में कोहराम मच गया। पुलिस की शुरुआती जांच में आया था कि वह अपना इलाज कराना चाहता था कि परिजन उसकी छुट्टी करा रहे थे। तनाव में आकर आत्मघाती कदम उठाया।
गंगाशील अस्पताल में नशा छुड़वाने के लिए भर्ती होने आए युवक ने पहले अपने नौ साल के बेटे को छत से फेंका और फिर खुद कूदकर आत्महत्या कर ली। पुलिस जांच कर रही है कि उसने आत्मघाती कदम क्यों उठाया है।
रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी